मैनें बहुत सोचा पर कुछ समझ न आया.... अब आप ही बतायें इसे क्या कहेंगे।

देश में सरकारी अस्पताल का मतलब है जान से हाथ धोना और प्राइवेट अस्पताल का मतलब है जायदाद से हाथ धोना, इसलिए हर घंटे हाथ धोते रहें ताकि दोनों जगह ना जाना पडे।

मुझे किसी ने कहा कि क्या बात भाई बड़ी गर्मी करवा रखी है।
तब मुझे पता चला अपनी शक्तियों का कि मैं भी गर्मी  करवा सकता हूँ।
अगर वेक्सीन नही बन पा रही है तो कम से कम कोरोना दिखने वाला चश्मा ही बना दो।
चप्पल से ही मार देंगे।
बबलु: पापा मेरा दशवी का रिजल्ट आ गया। 
बबलु के पिताजी: ला दिखाना जरा ।
बबलु: एक शर्त पे दिखाऊँगा , सोशियल डीस्टेन्स का अंतर रखना होगा।
रात मे जगने वाले हर कोई बाबु सोना वाले नहीं होते...कुछ लोग मेरी तरह भी होते है। जो ग़लती से दिन मे सो जाते है।
इश्क़ मोहब्बत की बातो का क्या फायदा थोड़ा पढ़ ही लेता हूं। बाद में काम तो "सरकारी नौकरी" ही आनी है।
आत्मनिर्भर बनने के चक्कर मे ख़ुद ही नोट मत छाप लेना।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया